सिंगरौली जिले में क्रेशर संचालक शासन की गाइडलाइन को नजरअंदाज कर मनमानी से खदानें संचालित कर रहे हैं। धूल और डस्ट से ग्रामीण बीमार हो रहे हैं, दमा और सांस की बीमारियां बढ़ रही हैं। क्रेशर संचालन के लिए जरूरी बाउंड्रीवाल, वृक्षारोपण और पानी का छिड़काव तक नहीं किया जा रहा। जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई के बजाय चुप्पी साधे बैठे हैं।
रीवा जिले की खदानें बारिश के मौसम में जानलेवा बन चुकी हैं। सुरक्षा मानकों की अनदेखी और बिना फेंसिंग के गहरी खदानें अब मौत के कुएं में तब्दील हो रही हैं। खनिज विभाग की निष्क्रियता पर उठ रहे सवाल।
सीधी जिले में खनिज माफिया माइनिंग प्लान और नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण को अंजाम दे रहे हैं। खनिज विभाग और प्रशासन की मिलीभगत से संगठित अपराध को संरक्षण मिल रहा है।















